Saturday, December 29, 2007

परनाम सब मगहियन के

[buddha.jpg]जिस धरती पर गौतम बुद्ध के गियान मिललउहे धरती के गौरवपूर्ण भाषा मगही के ब्लोग समर्पित हे। बिहार के तीन पर्मुख भाषा मगही, भोजपुरी और मैथिली में मगही के इतिहास सबसे पुराना हे। वैयाकरण कच्चान भी कहलन हल कि ..सा मागधी मूल भाषा। महावीर के उपदेश अर्ध मागधी मी लिपिबद्ध हल। आज भी बिहार और झारखण्ड के कम से कम १७ जिला के ई लोकभाषा हे। राजनीतिक तौर पर सहयोग न मिलला से ई पिछ्र गेल।

3 comments:

magahi said...

मृत्युंजय कुमार जी,
मगही के एक आउ ब्लॉग देखके बड़ी खुशी होल । हम तो समझ रहलूँ हँल कि मगही में आउ कोय अन्तरजाल पर लिक्खेवला नयँ हका ।
अपने जरि ई कम से कम १७ जिला के नाम गिना देथिन हँल त अच्छा होते हल ।
शुभ कामना के साथ
नारायण प्रसाद

परेश टोकेकर said...

मृत्युंजय भाई को कबीरा का प्रणाम। भाई माफ करना में मगही के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानता हू पर वादा है आपके ब्लाग की मदद से ये एकलव्य मगही सीख लिखने का प्रयास करेगा। भाई राजनीती को गोली मारीये आज राष्ट्रभाषा का देश में ये हाल है कि लोग इसी के इस्तेमाल से कतराते है। अंग्रेजी के बगैर आपका गुजारा मुश्किल है भाई अपन जैसे लोग तो इस घुडदौड में बहुत पिछड गये है। बहुत शुभकामनाये इसी तरह मगही में लिखते रहिये, आउ हम जैसा नासमझान को मगही में कुछ ज्ञान देत रहिल। कुछ गलती हो तो क्षमा करे।

Kaushal Kishore , Kharbhaia , Patna said...

आज ऐसहीं घूमत फिरत आप के ब्लॉग पर आवे के मौका मिलल.
मगही भाषा में जब भी ब्लॉग मिले हे तबियत भाईजी हरिया जाहे .
हमर साधुवाद स्वीकार कर s .
हमहूँ दो महीन से ब्लॉग पर लिखे के प्रयाश में लगल ही .
एक ब्लॉग तो कहल जाय के बिहार के समर्पित हे - patnagandhimaidan.blogspot.com
और दूसर मगही क्षेत्र के सम्बन्ध में हे.
नाम रखली हे - magahdes. blogspot.कॉम
अगर याद कल जाय ता गाँव गिरान के लोग सब आज भी अलग सांस्कृतिक इलाका के दूसर देस शब्द से संबोधित कर s हथन . एही कारण सहज रखे लगी हम magahdes नाम रखली हे.
मगही भाषा में अब तक कोई पोस्ट न कैली हे पर magahdes के हर पहलू पर लिखे के कोसिस कैल गेल हे.
हमर समझ से मगह क्षेत्र के सांस्कृतीक रूप से कई खासियत हे ,और कोई में शोध न कईल गेल हे.
हमर यही प्रयास है की शोध न सही कम से कम ओकरा एक प्रमाणिक दस्तावेजी शकल भी हम देवे में सफल होवहि त s हमर लक्ष्य आगे बढ़त .
हमरा तरफ से भाईजी दो गो बात है.
पहला आप के ब्लॉग पर हाल के पोस्ट न दिखा हई
दूसर हमर ब्लॉग पर आपके आमंत्रण हई. वहाँ आहू s और मगही और magahdes के लगी कुच्छ सार्थक काम कईल जाय
हमर ईमेल id हई
kaushalkishorejnu@yahoo.कॉम
सादर